September 3, 2013

उपासना में वासना


इस पोस्ट की मूलपोस्ट  यहाँ है।

1-



उपासना में वासनामुख में है हरिनाम।
सत्संगों की आड़ मेंकरते गन्दे काम।।
जनता के धन-माल परऐश करे परिवार।
बाबाओं के पास मेंदौलत का अम्बार।।
कुटिया में एकान्त मेंसिखलाते हैं योग।
राम नाम के नाम परफैलाते हैं भोग।।
ललनाओँ को जाल मेंसन्त फँसाता रोज।
ऐसा कामी-अधम तोधरती पर है बोझ।।
हत्या और बलात् केकिये आपने काम।
गुरूकुलों के नाम कोकर डाला बदनाम।।
अपने ओछे कर्म सेकिया कलंकित नाम।
शर्म-लाज आयी नहींआशाओँ के राम।।

2- 
इस पोस्ट की मूलपोस्ट यहाँ है।


धार लबादा सन्त काकरते पापाचार।
कश्ती को अब धर्म कीकौन करेगा पार।।
पहले भी थे धरा परथोड़े-बहुत असन्त।
अब बहुतायत में हुएभोगी और कुसन्त।।
कामी. क्रोधी-लालचीकरते कारोबार।
राम नाम की आड़ मेंदौलत का व्यापार।।
उपवन के माली स्वयंकली मसलते आज।
आशाएँ धूमिल हुईंकुंठित हुआ समाज।।
आशाओं का हनन जबकरते आशाराम।
आशा के संचार काकौन करेगा काम।।

 ये पोस्ट रूपचंद्रशास्त्री जी के द्वारा लिखित है।

7 comments:

  1. इस प्रकार से अपनी रचनाएँ प्रकाशित करने की मैं अनुमति नही देता हूँ।
    मरे नाम और ब्लॉग के लिंक के साथ प्रकाशित कीजए मेरी रचनाओं को।
    नहीं तो इस पोस्ट को हटा दीजिए।

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  2. अब आप यह तर्त मत देने लगना कि "Labels: डॉ0 रूपचन्द्र शास्त्री मयंक, यौन अपराध, सामाजिक" में आपका नाम है।
    --
    लेबिल में भी क्लिक करने से समाज ही खुल रहा है।
    मेरा लिंक है कहाँ मान्यवर।
    --
    तुरन्त हटाइए इस पोस्ट को या मेरे नाम और ब्लॉग का लिंक दीजिए।
    अन्यथा यह सभ्यता के दायरे में की गयी चोरी मानी जायेगी।

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  3. आपकी इस कारगुजारी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी है।
    सादर!

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  4. भविष्य में ध्यान रखें कि किसी भी व्यक्ति की पोस्ट यहाँ प्रकाशित करने से पूर्व उसकी पोस्ट और उसके नाम का भी उल्लेख किया करें।
    --
    उपर दी गयी मेरी टिप्पणियाँ यथावत ही हैं। सुधार कर दें।

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    Replies
    1. में आपसे सहमत हूँ ये एक तरीके की चौरी ही मानी जायेगी ! कोई पोस्ट अच्छी और साझा करनें लायक समझी भी जाए तो जिसकी वो पोस्ट है उसके नाम के साथ ही पोस्ट की जानी चाहिए !

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  5. जी हाँ मै भी आपसे सहमत हूँ पर पोस्ट मैंने चोरी नहीं की, बल्कि इस पोस्ट पर मैं आपका लिंक लगाना भूल गया था मैंने सोचा की lables पर आपका लिंक लगा हुआ है इसके लिए मैं तहेदिल से माफी चाहता हूँ आगे से मै लिंक के साथ किसी का पोस्ट प्रकाशित किया करूँगा।

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  6. इस पोस्ट की सत्यप्रतिलिपि यहाँ है।
    इसका क्या मतलब है? क्या मैंने भी यह पोस्ट कहीं से प्रतिलिपिस्वरूप ली है।
    आप यह लिखिए कि मूल पोस्ट यहाँ है?

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