नमस्कार, सुप्रभात मेरे प्यारे पाठकगण आज कई महीनों बाद मेरी वापसी मेरे ब्लॉग पर हुयी है। मैं इतने दिनों अपनी रीड़ में आई चोट के कारण बेड रेस्ट पर था , इसके इलाज और पढ़ाई में व्यस्त था। इसीलिए मैं इतने दिनों तक ब्लॉग से दूर था,
इसलिए आपसे माफी चाहूँगा। पर अब मैं पूरी तरह से ठीक हो गया हूँ इसीलिए मैंने अब ब्लॉग पर फिर से वापसी कर ली है।
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July 5, 2013
March 3, 2013
तब कही जा कर थोड़ा सुकूँ पाती है माँ
मौत की आग़ोश मे जब थक के सो जाती है माँ।
तब कही जा कर थोड़ा सुकूँ पाती है माँ।।
फिक्र में बच्चों की कुछ इस तरह घुल जाती है माँ।
नौजवां होते हुए बूढी नज़र आती है माँ।।
रूह के रिश्तोँ की यह गहराईयां तो देखिये।
चोट लगती है हमें और चिल्लाती है माँ।।
प्यार कहते है किसे और ममता क्या चिज़ है।
कोई उन बच्चो से पूछे जिनकी नहीं होती हैं माँ।।
कब जरूरत हो मेरी बच्चो को इतना सोच कर।
जागती रहती है आँखेँ और सो जाती है माँ।।
बाद मर जाने के फिर बेटे की खिदमत के लिए।
भेस बेटी का बदल कर घर में आ जाती है माँ।।
अपने पहलू मे लिटा कर रोज तोते की तरह।
एक, बारह, पाँच, चौदह, हमको रटवाती है माँ।।
चाहे लाख गमों का पहाड़ हो जन्दगी में मगर
कभी भी अपने कर्म मार्ग से भटकना मत बेटा ,
ऐसी बात अपने अनुभवों से रात दिन हमें समझाती है माँ...
January 23, 2013
क्षमा याचना
मेरे प्यारे पाठक गण मैं आप सबसे क्षमा मांगना चाहता हॅू क्योंकि मैं कोई भी पोस्ट सही से नहीं लिख पाता हॅू। मैं एक बी० फार्मा का छात्र हॅू और मुझे लिखने के लिए समय नहीं मिल पाता है। इसलिए मैं भरपूर पोस्ट नहीं लिख पाता हॅू। पर मैं कभी कभार समय निकाल कर आता हॅू और कुछ एक दो छोटे मोटे पोस्ट देकर चला जाता हॅू। इसमें मैं जितना भी समाजिक स्तर वाले पोस्ट लिखता हॅू वो सब मेरे मन में जगे हूए भावनाएं है जो मैं समाज में देख सुनकर, उसकी महत्ता को समझकर प्रकाशित करता हॅू। मेरे मन में अभी ऐसी भावनाएं है जो मैं समय निकालकर आप सबके सामने प्रस्तुत करूँगा।
आप सबको ईश्वर सलामत रखें और सबको प्रसिद्धि प्रदान करें। "आमीन्"
आप सबको ईश्वर सलामत रखें और सबको प्रसिद्धि प्रदान करें। "आमीन्"
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